- Gen Z को Great Generation बनाने के लिए नशामुक्त जीवन जरूरी : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- LPU's Future-Ready B.Tech Ecosystem Powers Record Placements with Industry-Ready Talent
- ग्रीनप्लाई ने लॉन्च की टर्मीवैक्स - प्लाईवुड के लिए भारत की पहली एंटी-टर्माइट वैक्सीनेटेड तकनीक
- Greenply Launches Termivax, India's First Anti-Termite Vaccinated Technology in Plywood
- Varun Sood Backs Best Friend Harman Singha Ahead of The Traitors Season 2: You've got this! Go kill it, Harman!
दाऊदी बोहरा समाज के धर्मगुरू डॉ सैय्यदना आली कदर मुफद्दल मौला इंदौर विमानतल पर तशरीफ लाए
समाजवासीयो ने मौला मौला मुफद्दल मौला की बुलंद आवाज के साथ मौला के दीदार किये
इंदौर दाऊदी बोहरा समाज के 53 वे धर्मगुरू डॉ सैय्यदना आली कदर मुफद्दल मौला (त.ऊ.श) बुधवार को मुंबई से विमान द्वार शाम 5:55 बजे इंदौर विमानतल पर तशरीफ लाऐ।
यह जानकारी देते हुए समाज की जनसंपर्क समिति के मीडिया विभाग के बुरहानुददीन शकरूवाला व मजहर हुसैन सेठजीवाला ने बताया की विमानतल से सैैैय्यदना साहब सुुुुपर काॅरिडोर से लगे खुले मैदान में बने मंच पर तशरीफ लाऐ एवं 10 मिनीट तक रूके।
इस अवसर पर आमिल जनाब सैफुददीन भाई जमाली ने सैयदना साहेब का इकराम किया। बड़ी संख्या में उपस्थित समाजवासी सैयदना साहेब के दीदार होते ही मौला मौला मुफ्फद्दल मौला की सदाऐ बुलंद कर रहे थे। मंच से सैयदना साहाब ने दुआईया कलेमात फरमाते हूऐ कहा के मालवा, इंदौर से मे बहुत खुश हु। यहाँ दिलो मे मोहब्बत वा ईखलाश से दिदार करने आते है।
सैयदना साहब ने 52 वे धर्मगुरु डाॅ सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन मौला को याद किया व उनके अजीम अहसानात की याद दिलाई। सैयदना साहब ने सभी की खुशहाली की दुआ फरमाते हुऐ हमेशा शादो आबाद व सलामती की दुआ की। सैयदना साहब ने इमाम हुसैन की शहादत पढी़.

इस अवसर पर अश्क बार आँखो से या हुसैन की सदा के साथ पूरजोश मातम हुआ। समाजवासीयो ने सैयदना साहब की उम्र दराजी की दुआ की। इस अवसर पर आमील शेख अब्बास भाई रामपूरा वाला, आमिल शेख सैफुद्दीन भाई रंगुन वाला, आमिल मुस्तफा भाई वजिही, आमिल अब्दुल हुसैन भाई कुक्षी वाला सहित अन्य जमातो के आमिल साहेब भी उपस्थित थे।
समाजवासी सैय्यदना साहब के दीदार के लिए दोपहर चार बजे से पहुँचना शुरू हो गए थे 5 बजे तक पूरा मैदान भर चूका था हजारो की संख्या में उपस्थित समाज के मर्द औरते बुजुर्ग यूवा बच्चे सभी सैय्यदना साहब के दीदार के लिए बेताब थे। इंदौर के आसपास राऊ, महु, देपालपुर आदी से भी समाजवासी दीदार के लिये इंदौर आऐ थे।


