- डॉ. शरद पंडित के अमृत महोत्सव पर पौधारोपण कार्यक्रम
- निहिलेंट ने एआई आधारित भावनाओं को पहचानने और भावनात्मक स्वास्थ्य बेहतर बनाने वाला ऐप nSEPIA लॉन्च किया
- Pan-India Superstar Shivarajkumar Unleashes His Fiercest Avatar Yet as the ‘Original Monster’; First Poster and Motion Poster Out Now
- पैन इंडिया सुपरस्टार शिवराजकुमार का अब तक का सबसे खूंखार अवतार ‘ओरिजिनल मॉन्स्टर’; पोस्टर और मोशन पोस्टर हुआ रिलीज
- Akshay Kumar-Vipul Amrutlal Shah reunite for alien thriller Samuk after 12 years
दाऊदी बोहरा समाज के धर्मगुरू डॉ सैय्यदना आली कदर मुफद्दल मौला इंदौर विमानतल पर तशरीफ लाए
समाजवासीयो ने मौला मौला मुफद्दल मौला की बुलंद आवाज के साथ मौला के दीदार किये
इंदौर दाऊदी बोहरा समाज के 53 वे धर्मगुरू डॉ सैय्यदना आली कदर मुफद्दल मौला (त.ऊ.श) बुधवार को मुंबई से विमान द्वार शाम 5:55 बजे इंदौर विमानतल पर तशरीफ लाऐ।
यह जानकारी देते हुए समाज की जनसंपर्क समिति के मीडिया विभाग के बुरहानुददीन शकरूवाला व मजहर हुसैन सेठजीवाला ने बताया की विमानतल से सैैैय्यदना साहब सुुुुपर काॅरिडोर से लगे खुले मैदान में बने मंच पर तशरीफ लाऐ एवं 10 मिनीट तक रूके।
इस अवसर पर आमिल जनाब सैफुददीन भाई जमाली ने सैयदना साहेब का इकराम किया। बड़ी संख्या में उपस्थित समाजवासी सैयदना साहेब के दीदार होते ही मौला मौला मुफ्फद्दल मौला की सदाऐ बुलंद कर रहे थे। मंच से सैयदना साहाब ने दुआईया कलेमात फरमाते हूऐ कहा के मालवा, इंदौर से मे बहुत खुश हु। यहाँ दिलो मे मोहब्बत वा ईखलाश से दिदार करने आते है।
सैयदना साहब ने 52 वे धर्मगुरु डाॅ सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन मौला को याद किया व उनके अजीम अहसानात की याद दिलाई। सैयदना साहब ने सभी की खुशहाली की दुआ फरमाते हुऐ हमेशा शादो आबाद व सलामती की दुआ की। सैयदना साहब ने इमाम हुसैन की शहादत पढी़.

इस अवसर पर अश्क बार आँखो से या हुसैन की सदा के साथ पूरजोश मातम हुआ। समाजवासीयो ने सैयदना साहब की उम्र दराजी की दुआ की। इस अवसर पर आमील शेख अब्बास भाई रामपूरा वाला, आमिल शेख सैफुद्दीन भाई रंगुन वाला, आमिल मुस्तफा भाई वजिही, आमिल अब्दुल हुसैन भाई कुक्षी वाला सहित अन्य जमातो के आमिल साहेब भी उपस्थित थे।
समाजवासी सैय्यदना साहब के दीदार के लिए दोपहर चार बजे से पहुँचना शुरू हो गए थे 5 बजे तक पूरा मैदान भर चूका था हजारो की संख्या में उपस्थित समाज के मर्द औरते बुजुर्ग यूवा बच्चे सभी सैय्यदना साहब के दीदार के लिए बेताब थे। इंदौर के आसपास राऊ, महु, देपालपुर आदी से भी समाजवासी दीदार के लिये इंदौर आऐ थे।


